Homeताज़ा खबरक्‍या हम बेटी नहीं हैं?विवाद के बीच स्‍टूडेंट्स ने पूछा सवाल..|

क्‍या हम बेटी नहीं हैं?विवाद के बीच स्‍टूडेंट्स ने पूछा सवाल..|

विवाद के बीच स्‍टूडेंट्स ने पूछा सवाल..

एक स्‍टूडेंट ने दावा किया कि अपने कॉलेज के सालों की शुरुआत से ही वे हिजाब पहन रही हैं. उसने कहा, ‘वे बेटी बचाओ बेटी बचाओ के बारे में बात करते हैं, क्‍या वे (हिंदू) एकमात्र बेटी हैं? क्‍या हम बेटी नहीं है? हम देश की बेटियां हैं. आखिरकार सरकार को अचानक ही हिजाब से समस्‍या क्‍यों हो गई? मैं तीन साल से इसे पहन रही हूं, अब इससे समस्‍या क्‍यों है? ‘  एक अन्‍य स्‍टूडेंट ने कहा कि भगवा स्‍टोल (Saffron stoles)वाले स्‍टूडेंट, मुस्लिम लड़कियों का विरोध कर रहे हैं. इस छात्रा स्‍टूडेंट ने कहा, ‘वे चाहते हैं कि हमें कॉलेज से बाहर कर दिया जाए, इसलिए वे ऐसा कर रहे हैं. हमें यह क्‍यों करना चाहिए? हमारे पास भी शिक्षा का और अपने धर्म के पालन का अधिकार है. ‘ कॉलेज की एक अन्‍य स्‍टूडेंट ने सवाल उठाया कि अचानक से हिजाब मुद्दा कैसे बन गया? उसने कहा, ‘वे ऐसे नियम अब लागू क्‍यों कर रहे हैं जब कॉलेज खत्‍म होने में दो माह ही बचे हैं. जब हमने पहले कॉलेज ज्‍वॉइन किया था तो हमें हिजाब पहने की इजाजत दी गई थी. इसे अब मुद्दा क्‍यों बनाया जा रहा है.’ इस लड़की ने कहा, ‘हम हिजाब पहनना नहीं छोड़ने वाले और हम शिक्षा भी नहीं छोड़ने वाले. आजादी हासिल किए हुए 75 साल हो चुके हैं और अभी भी हम स्‍वतंत्र नहीं हैं. यह यूनिफॉर्म का हिस्‍सा है.’

उडुपी (कर्नाटक): 

कॉलेज में हिजाब पहनने (wearing hijab to college) को लेकर चल रहे विवाद के बीच कर्नाटक के सीएम बासवराज बोम्‍मई (Karnataka CM Basavaraj Bommai)ने मंगलवार को सभी संबंधितों से शांति बनाए रखने और बच्‍चों को पढ़ाई करने देने की अपील की है. न्‍यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए बोम्‍मई ने कहा, ‘सभी संबंधित लोग (उडुपी हिजाब विवाद से संबंधित) ‘को शांति बनाए रखनी चाहिए और बच्‍चों को पढ़ने देना चाहिए. मामला हाईकोर्ट में पेश किया गया जाएगा, हमें इसका इंतजार करना चाहिए. इस बीच, कॉलेज के मुस्लिम स्‍टूडेंट्स ने सवाल उठाया है कि ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के तहत शिक्षा का अधिकार उन्‍हें नहीं है?

गौरतलब है कि कर्नाटक में यह मुद्दा थमने का नाम नहीं ले रहा है, मुस्लिम लड़कियों का एक वर्ग कॉलेज में हिजाब पहनने पर अड़ा हुआ ह, जबकि राज्य सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों के लिए वर्दी को अनिवार्य बनाने का निर्देश दिया है. राज्य में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं, जहां मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनकर महाविद्यालयों में कक्षाओं में जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है, जबकि हिजाब के जवाब में हिंदू छात्र भगवा स्‍टोल लेकर शैक्षणिक संस्थान आ रहे हैं.

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