Homeराजनीतिक्या Akhilesh Yadav के इन कारोबारियों से रिश्ते हैं, जो डर गए?

क्या Akhilesh Yadav के इन कारोबारियों से रिश्ते हैं, जो डर गए?

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सपा एमएलसी के ठिकानों पर छापे को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाया तो वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पलटवार किया. निर्मला सीतारमण ने पूछा कि क्या अखिलेश यादव इन छापों से हिल गए हैं. क्या उन्हें डर लग रहा है. क्या उनके इन कारोबारियों से रिश्ते हैं.

उत्तर प्रदेश में सपा नेताओं के यहां छापेमारी के बाद राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं. पहले पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सपा एमएलसी के ठिकान… पर छापे को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाया तो वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पलटवार किया. निर्मला सीतारमण ने पूछा कि क्या अखिलेश यादव इन छापों से हिल गए हैं. क्या उन्हें डर लग रहा है. क्या उनके इन कारोबारियों से रिश्ते हैं.

अखिलेश पर क्यों भड़कीं वित्त मंत्री  

दरअसल, आईटी ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के कानपुर, कन्नौज के साथ-साथ लखनऊ और मुंबई में भी छापेमारी की. बताया जा रहा है कि ये छापे इत्र कारोबारी पुष्पर… पुष्पराज जैन उर्फ पंपी और मोहम्मद याकूब के ठिकानों पर मारे गए. पुष्पराज जैन समाजवादी पार्टी से MLC हैं. इन्होंने हाल ही में अखिलेश यादव के हाथों समाज..समाजवादी इत्र लॉन्च कराया था.  पुष्पराज कन्नौज में उसी इलाके में रहते हैं जहां पीयूष जैन का पुश्तैनी घर है. इन छापों पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने … मोदी सरकार पर निशाना साधा. अखिलेश ने कहा, बीजेपी को पता चल गया है कि वे यूपी में हार रहे हैं. इसलिए विपक्ष पर ये कार्रवाई हो रही है.

वित्त मंत्री ने किया पलटवार 

वित्त मंत्री ने अखिलेश यादव के आरोपों पर पलटवार किया. वित्त मंत्री ने कहा, जब प्रवर्तन एजेंसियां छापेमारी करती हैं, तो उनके पास खुफिया जानकारी होती है.

इन्हीं के आधार पर छापेमारी होती है. इसी तरह की इंटेल के बाद ही इत्र कारोबारी के यहां छापे मारे गए थे.

निर्मला सीतारमण ने कहा, कानपुर में भी जीएसटी …

इन्हीं के आधार पर छापेमारी होती है. इसी तरह की इंटेल के बाद ही इत्र कारोबारी के यहां छापे मारे

 

पैसा और सोना मिलने के बाद भी सवाल उठाए जा रहे’

hदौरान क्या एजेंसियां खाली हाथ आईं. जो लोग इस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं, उनसे पूछना चाहती हूं कि एजेंसियां क्या खाली हाथ लौटती तो आप सवाल उठा सकते थे. आप ये कह सकते थे कि किसी और क्या यहां जाना था, आप कहीं और चले गए. सही घर पर एजेंसियां गईं. सही घर में सर्च हुआ.

निकलने के बाद प्रूफ भी हो गया कि अधिकारी सही घर पर गए.सीतारमण ने कहा, जो लोग सवाल उठा रहे हैं कि गलत घर में गए, तो गलती किसकी है. इस मामले का राजनीतिकरण किया जा रहा है, इसका मतलब मैं क्या समझूं, कि क्या वे डर गए हैं.  लत बंदे के घर में गए, तो वहां क्या आपका पैसा रखा था. अरे गलत बंदे के घर इतना पैसा मिलता है,तो गलती किसकी है. इस मामले का राजनीतिकरण किया जा रहा है, इसका मतलब मैं क्या समझूं, कि क्या वे डर गए हैं.

क्या अखिलेश यादव का इंटरेस्ट है इसमें’

वित्त मंत्री ने पूछा, क्या पूर्व सीएम अखिलेश यादव इससे डर गए हैं, क्या वे हिल गए हैं. क्या उनका इससे कुछ संबंध है क्या? एक आदमी के घर से 23 किलो सोनामिल रहा है. आम नागरिक के यहां ऐसे नहीं मिलता है. आपके यहां ऐसा मिल सकता है, मेरे यहां तो नहीं है. ऐसी चीजें घर से पकड़ी गईं. इसके बाद प्रश्न उठाए जा रहे हैं. क्या इनका कोई इंट्रेस्ट है. आज भी जहां इनकम टैक्स की रेड हो रही है. जानकारी है, इसलिए छापेमारी हुई. पूरे देश में इस सेक्टर में जानकारी मिलने .|

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