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Economic Survey 2022: इन 10 प्वाइंट्स में समझिए इकोनॉमिक सर्वे की बड़ी बातें

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के बाद संसद के बजट सत्र की शुरुआत हुई. इसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा और राज्यसभा में आर्थिकसमीक्षा पेश की. इसके बाद समीक्षा को बजट के पोर्टल पर डाल दिया गया.

आइए 10 प्वाइंट में जानते हैं बजट के बाद सबसे अहम फाइनेंशियल डॉक्यूमेंट का सार…

महामारी से एग्री सेक्टर पर सबसे कम असर हुआ. चालू वित्त वर्ष में इस सेक्टर की ग्रोथ रेट पिछले साल के 3.6 फीसदी से बढ़कर 3.9 फीसदी रह सकती है. किसानोंकी आय बढ़ाने के लिए फसलों में विविधता लाने की जरूरत है. दलहन, तिलहन और बागवानी को प्रॉयरिटी में रखा जाना चाहिए.महंगाई सभी को परेशान कर रही है. अन्य देशों में महंगाई कई दशकों के हाई पर है. कच्चा तेल 90 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुका है. इससे भारत में भी महंगाई का प्रेशर बढ़ सकता है.

इंडस्ट्रियल सेक्टर चालू वित्त वर्ष में 11.8 फीसदी की रफ्तार से ग्रोथ कर सकता है. सर्विस सेक्टर की स्थिति में भी सुधार होना तय है. इस सेक्टर की ग्रोथ रेट 8.2 फीसदी रह सकती है.सोशल सर्विस पर इस वित्त वर्ष में खर्च बढ़ा है. यह 9.8 फीसदी बढ़कर 71.61 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. सरकारी उपभोग इस वित्त वर्ष में 7.6 फीसदी की फीसदी की दर से बढ़कर महामारी से पहले के स्तर के पार निकल सकता है.
2021-22 में निर्यात 16.5 फीसदी की दर से बढ़ सकता है. निर्यात के भी 16.5 फीसदी की दर से बढ़ सकता है. निर्यात के भी महामारी से पहले के स्तर से पार निकल जाने की उम्मीद है. चालू वित्त वर्ष में भारत के आयात में 29.4 फीसदी रेलवे भारत के आर्थिक विकास का इंजन बनेगा. रेलवे ने अप्रैल से नवंबर के दौरान 65,157 करोड़ रुपये खर्च किया. चालू वित्त वर्ष के लिए रेलवे को 2.15 लाख करोड़ रुपये मिले हैं. आने वाले समय में यह और बढ़ेगा.

भारत में अमेरिका और चीन के बाद सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है. अकेले दिल्ली में अप्रैल 2019 से दिसंबर 2021 के दौरान 5000 नए स्टार्टअप बने हैं.अप्रैल-नवंबर 2021 के दौरान 75 आईपीओ से कंपनियों ने 89,066 करोड़ रुपये जुटाए हैं. रिटेल इन्वेस्टर्स की कमाई बढ़ी है. एनएसई के पूरे टर्नओवर मेंइंडिविजुअल इन्वेस्टर्स का हिस्सा बढ़कर 44.7 फीसदी हो गया है. चालू वित्त वर्ष के पहले 8 महीने में 221 लाख डीमैट अकाउंट खुले हैं.यूपीआई से पेमेंट तेजी से बढ़ा है. अकेले दिसंबर में यूपीआई से 8.26 लाख करोड़ रुपये के 4.6 बिलियन ट्रांजेक्शन हुए.
सरकार सड़क बनाने पर सबसे ज्यादा 27 फीसदी खर्च कर रही है. इसके बाद रेलवे पर 25 फीसदी, बिजली पर 15 फीसदी, तेल व पाइपलाइन पर 8 फीसदी और टेलीकॉम पर 6 फीसदी खर्च कर रही है.

Economic Survey 2021-22: अर्थव्यवस्था के लिए बैरोमीटर का काम करने वाला अहम दस्तावेज Economic Survey आज सामने आ गया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट से एक दिन पहले इसे संसद के दोनों सदनों में पेश किया. आर्थिक समीक्षा में बताया गया कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से सुधार की राह पर है. समीक्षा में चालू वित्त वर्ष में जीडीपी के 9.2 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान व्यक्त किया गया. आने वालेवित्त वर्ष के लिए यह अनुमान 8 से 8.5 फीसदी है. इस तरह साफ है कि भारत की के बढ़ने की रफ्तार प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज बनी रहेगी.
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